Posts

Showing posts from June, 2020

रोटी और संबंध

Image
🌺 रोटी और संबंध 🌺                     इसे ⬆️⬆️ कौन नहीं पहचानता ? यह है रोटी ; यही तो वह कारण है; जिसके लिए हम और आप दिन रात परिश्रम करते हैं । वैसे देखा जाए यह रोटी यूं ही मिल जाती तो हम और आप कोई काम ही नहीं करते। किसी तरह का कष्ट नहीं करते, जीवन में परिश्रम नहीं करते।   वैसे एक बात तो है रोटी केवल भूख ही नहीं मिटाती बल्कि जीवन की एक बड़ी सीख दे जाती है। अब तनिक सोचिए कि रोटी आपको स्वादिष्ट तभी लगेगी या रोटी हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छी तभी होगी जब यह दोनों तरफ से ठीक तरह से सेकी जाए।   हमारे जीवन में संबंध भी कुछ इसी प्रकार होते हैं; यदि दोनों ओर से अच्छी तरह से निभाएं जाए तभी आपको आनंद देती है। इसलिए केवल पाने के लिए आतुर ना रहे लौटाने में भी विश्वास रखें ; क्योंकि एक संबंध में जब दोनों ओर से प्रेम होगा, दोनों तरफ से करुणा होगी , कुछ करने की चाह होगी तभी वह संबंध आपको जीवन में आनंद देगा। तो जब-जब रोटी खाएं तो यह याद रखें कि आपको अपने संबंधों को भी इसी प्रकार मधुर बनाना है।

ख्वाहिशें

Image
☆☆ ख्वाहिशें ☆☆     ख्वाहिशें ऐसी चीज होती है जिसका कोई अंत नहीं होता। हम सभी की ढेर सारी ख्वाहिशें होती हैं । एक के  पूरी होते हीं अगली ख्वाइश जन्म ले लेती है ।      एक दिन एक राजा ने अपनी सारी प्रजा के लिए ऐलान करवाया कि मैं आप सब का राजा हूं तो मेरी सारी चीजें भी आप सभी की हैं। कल महल के द्वार सुबह 8:00 बजे खोल दिए जाएंगे और सारी प्रजा महल में आमंत्रित है । जो जिस चीज को सबसे पहले हाथ लगा देगा वह चीज उसकी हो जाएगी। यह एलान सुनते ही सारी प्रजा यह सोच में पड़ गई  कि मैं क्या लूं ? और एक ही चीज लेने की अनुमति थी । सब सोच रहे थे कि कहीं जो मुझे चाहिए वो किसी दूसरे ने हाथ लगा दिया तो ? शायद ही उस रात प्रजा में से कोई सोया होगा !     जैसे ही महल के द्वार खोले गए वैसे ही सारी प्रजा में अपनी पसंदीदा चीजों को  छूने की होड़ सी मच गई । कोई चाहता था कि घोड़े उसके हो जाए क्योंकि वह घोड़ों का शौकीन था। कोई चाहता था कि हाथी उसके हो जाए। तो कोई चाहता था कि उसे दुधारू गाय मिल जाए , तो कोई चाहता था कि महल में लगे आलीशान सिहांसन उसे मिल जाए,...